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कर्नाटक को मिली एक और सौगात: नितिन गडकरी ने किया भारत के दूसरे सबसे लंबे केबल-स्टे ब्रिज का उद्घाटन

कर्नाटक के बुनियादी ढाँचे के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को सिगंदूर में भारत के दूसरे सबसे लंबे केबल-स्टे ब्रिज का उद्घाटन किया। ₹472 करोड़ की लागत से निर्मित यह शानदार पुल राज्य में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और दूरदराज के क्षेत्रों को फिर से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कनेक्टिविटी का नया आयाम

यह भव्य पुल कर्नाटक के शिवमोगा जिले के सागर तालुक में अंबरगोडलु और कलासवल्ली के बीच शरावती नदी के बैकवाटर पर बनाया गया है। इस पुल के निर्माण से दशकों पुरानी एक चुनौती का समाधान हो गया है, क्योंकि 1960 के दशक में लिंगनमाकी बांध के निर्माण के बाद से कई गाँव कट गए थे। अब यह पुल इन अलग-थलग पड़े गाँवों को मुख्यधारा से फिर से जोड़ देगा।

सिगंदूर चौदेश्वरी मंदिर तक आसान पहुँच

सिगंदूर क्षेत्र अपने प्रसिद्ध चौदेश्वरी मंदिर के लिए जाना जाता है, जो बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस पुल के बनने से अब सागर से सिगंदूर और उसके आसपास के गांवों तक की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों दोनों को सुविधा होगी। यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

एक इंजीनियरिंग चमत्कार

₹472 करोड़ की लागत से निर्मित यह केबल-स्टे ब्रिज अत्याधुनिक इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसकी लंबाई 2.12 किलोमीटर है, जो इसे भारत के सबसे लंबे केबल-स्टे पुलों में से एक बनाती है। यह परियोजना न केवल परिवहन व्यवस्था में सुधार करेगी बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

राजनीतिक विवाद के बावजूद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

हालांकि इस उद्घाटन समारोह को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और केंद्र के बीच कुछ राजनीतिक खींचतान भी देखने को मिली, क्योंकि मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल न होने का फैसला किया था, लेकिन इस पुल का महत्व निर्विवाद है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि यह पुल पूरे क्षेत्र में गतिशीलता में उल्लेखनीय सुधार लाएगा और दशकों पुरानी समस्या का समाधान करेगा।

यह पुल कर्नाटक के विकास पथ पर एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बेहतर बुनियादी ढांचे के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उम्मीद है कि सिगंदूर पुल क्षेत्र में समृद्धि और प्रगति का एक नया अध्याय लिखेगा।


10 thoughts on “कर्नाटक को मिली एक और सौगात: नितिन गडकरी ने किया भारत के दूसरे सबसे लंबे केबल-स्टे ब्रिज का उद्घाटन

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